रात गहरी हो गयी च�™ो सो जाते है।

रात गहरी हो गयी च�™ो सो जाते है।

A Poem by Mr Shayar
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रात गहरी हो गयी च�™ो सो जाते है।

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रात �-हरी हो �-यी च�™ो सो जाते है।
यादों पर नींद भारी हो �-यी, च�™ो सो जाते है।।


भू�™ना था जिन्हें बेशक, एक इख्तियार कर �-ए है।
अब जब बिक ही �-ये है, च�™ो सो जाते है।।


तस�™्�™ी किस बात की दूँ तुझे ए-नादां-दि�™।
ख्वाबो मैं मु�™ाकात हो�-ी, च�™ो सो जाते है।।


अब एक खामोशी है हर तरफ पसरी "शायर"।
बहरों का शहर है किसे आवाज दें, च�™ो सो जाते है।।


© 2017 Mr Shayar



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Added on November 1, 2017
Last Updated on November 1, 2017
Tags: इश्क़, breakup, cry, dard, dosti, frinedship, hindi, life, love, mohbaat, mrshayar, poetry, relation, sad, shayar, shayari, thoughts, urdu, yourquotes

Author

Mr Shayar
Mr Shayar

Jaipur, Rajasthan, India



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